युद्ध और विकास: भारत को सतर्क रहने की आवयकता
युद्ध किसी भी देश के विकास को गहरे स्तर पर प्रभावित करता है। दुनिया के इतिहास में ऐसे कई उदाहरण हैं जहां युद्धों ने समृद्ध देशों को भी विनाश की कगार पर पहुँचा दिया। आज पाकिस्तान इसका ज्वलंत उदाहरण है — एक बर्बाद, दिशाहीन और अस्थिर देश, जो भारत के चढ़ते विकास और विश्व मंच पर स्थापित होती प्रतिष्ठा से जल-भुन रहा है। पाकिस्तान अब बौखलाहट में किसी भी तरह भारत के विकास यात्रा को बाधित करना चाहता है। वह एक और युद्ध थोपने की कोशिश कर रहा है, ताकि भारत को विकास के रास्ते से भटका सके। लेकिन केवल पाकिस्तान ही नहीं, चीन भी इस साजिश में छिपा भागीदार है। चीन, जो आज अमेरिका को चुनौती देने की स्थिति में खड़ा है, डोनाल्ड ट्रंप द्वारा लगाए गए भारी टैरिफ के कारण वैश्विक व्यापार में कठिनाइयों का सामना कर रहा है। नतीजतन, विश्व की प्रमुख कंपनियाँ चीन से पलायन कर भारत जैसे स्थिर और लोकतांत्रिक देश में निवेश करने को इच्छुक हैं। चीन जानता है कि अगर भारत शांति और स्थिरता बनाए रखता है तो उसे अपूरणीय नुकसान उठाना पड़ेगा। इसलिए वह चाहेगा कि भारत भी किसी तरह युद्ध में उलझ जाए, जिससे विदेशी कंपनियाँ अपने निवेश के फ...